दोस्तों,
मेरा नाम निशा है और मै एक अंडरगारमेंट्स की दूकान चलाती हु |वैसे दूकान
तो मेरी पति की है; लेकिन, वो सुबह खोलने और शाम को बंद करने के अलावा कुछ
और काम नहीं करते है | सारा दिन इधर-उधर घूमते रहते है | जब मुझे इनकी
लापरवाही का पता चला, तो मैने दूकान की सारी जिम्मेदारी खुद के ली | दूसरा
मुझे फायदा था, आदमियों को उनके अंडरवेअर दिखाने के बहाने मुझे उनके लंडो
को साइज़ पता चल जाता था | मै बहुत ठरकी औरत हु | मेरे पति के लंड ने अब
खड़ा होना बंद कर दिया और वो अब मेरी प्यास नहीं बुझा पाते | १०-१५ दिन मे
एक बार, वो सेक्स के लिए मानते है और उसमे भी १-२मिनट मे ही झड जाते और मै
प्यासी रह जाती हु | मैने उसके लिए काफी दवाईया की; लेकिन, कोई फायदा नहीं
हुआ | फिर, मैने उनपर मेहनत छोड़कर बाहर अपनी प्यास बुझाने का तरीका ढूँढना
शुरू कर दिया | मैने दूकान मे, एक ट्रायल रूम बनवाया है | ताकि, अगर किसी
को साइज़ का पता ना हूँ; तो वो रूम मे जाकर पहन कर देख सकता है | असल मे,
मैने वहा पर कैमरे लगा रखे है | और मै बाद मे, लोगो के लंडो को देखती हु
|एक बार एक आदमी आया और उसने मुझे अंडरवेअर माँगा और ट्राय करने चला गया
|जाने से पहले वो मेरे चूचो को घूर रहा था | मै भी चुपचाप अपने कंप्यूटरपे
देखने लगी | उसका लंड वाकई शानदार था | काला, मोटा और लम्बा; ९-१० इंच का
रहा होगा | वो बाहर निकल के आया और बोला, पूरा फिट नहीं है; कुछ और दीजिये |
मैने उसको अपने हिसाब से कुछ निकाल के दिया और बोला, ये आपको बिलकुल फिट
होगा | उसने मेरी तरफ अचरज भरी नजरो से देखा और अन्दर चला गया | जब वो बाहर
आया तो खुश था मुझे से आकर बोला, कैसा लगा मेरा लंड | मै शरमा गयी | उसको
पता चल गया था; कि अन्दर कैमरे लगे है | उसने बोला,तुम्हरी चुचे अच्छे है
और अगर तुम चाहो, तो मेरा लंड तुम्हारी प्यास बुझा सकता है | मैने सिर्फ
मुस्कुरा दिया | बिल पर उसने अपना फ़ोन नंबर लिख दिया | मैने उसे रात को
कॉल किया, तो उसने बोला तुम्हारे ही फ़ोन का इंतज़ार था जानेमन | मुझे लगा,
यर तो बड़ी जल्दी मान गया | फिर, मैने उसे अगले दिन दूकान मे बुलाया | जब
वो अगले दिन दूकान मे आया, तो मै उसे लेकर ट्रायल रूम मे चली गयी |रूम के
पीछे मेरा गोदाम था और मैने वहा अपने आराम का इंतजाम कर रखा था |मेरी दूकान
आगे से शीशे की थी और अक्सर उसको मै अन्दर से बंद करके आराम करती थी | मै
पिछले काफी दिनों से प्यासी थी, तो मैने उसको धक्का देकर पलंग पे गिरा दिया
और जल्दी-जल्दी उसकी पेंट खोलने लगी | उसने कहा आराम से, तो मैने बोला
पहुत प्यासी हु | एक बार मै अपनी प्यास बुझ लू; फिर तुम कितनी भी देर करते
रहना | उसके कपडे उतारते ही उसका लंड झूल गया | कितना मोटा और कितना लम्बा |
मैने उसको हाथो मे लिया और उसको बच्चो की तरह चूमा | फिर, उसकी खाल को
नीचे किया और एकदम से अपने मुह मे ले लिया | उसके लंड का स्वाद काफी मजेदार
था | मेरे चूसने से उस आदमी की सिसकिया निकलने लगी और वो मस्ती मे अपनी
गांड हिलाने लगा | फिर मैने उसको पूरा नंगा किया और उसके बदन को चूसने लगी |
बहुत मस्त था उसका बदन | फिर, मैने अपने कपडे उतार फेके और उसको धक्का
देकर उसके ऊपर चढ़ गयी | मैने उसका लंड अपने मुह मे ले रखा था और अपनी चूत
को उसके मुह पर टिका दिया | हम दोनों एक दुसरे के अंगो को मस्ती मे चूस रहे
थे और हमारी कामुक आवाज़े सारे गोदाम मे गूंज रही थी | अब मुझे से रहा
नहीं जा रहा था | तो, मै सीधी हुई और अपनी चूत को खोलकर उसके डंडे जैसे लंड
मे घुसा दी | मेरी चीख निकल गयी | मैने इतने मर्दों से चुदवाया था; लेकिन,
इतना मोटा लंड किसी का नहीं था | उसके ३-४ झटको मे, मै तो झड चुकी थी और
उसकी ऊपर गिर पड़ी | अब उसने मुझे उठाया और मुझे पलग के सहारे से घोड़ी बना
दिया और मेरी चूत को खोल कर चाटने लगा और अपनी जीभ से चोदने लगा | उसकी इस
हरकत से मै फिर गरम होने लगी | उसकी जीभ के साथ-साथ मेरी गांड भी हिलने लगी
| फिर, उसने अपना लंड मेरी चूत पर लगाया पर पुरे जोर से धक्का मारा | इस
बार, मुझे तो चक्कर ही आ गया | फिर उसने मेरी चूत को फाड़ डाला और मेरे
अन्दर उसको और झेलने की हिम्मत नहीं थी | कुछ ही झटको मे वो झड गया और उसने
अपना सारा वीर्य मेरे शरीर पर गिरा दिया | फिर, वो मेरे साइड मे लेट गया |
कुछ देर बाद हमने अपने कपडे पहने और मै दूकान मे आकर बैठ गयी | वो कुछ देर
बाद बाहर आया और अपना सामान लेकर चले गया

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